यहां महंगी नुमाइशें है, सस्ते इंसान है,
जवाबों के शहर में अधूरा सा सवाल हूं!
नशे की नींद में, उधार का ख्वाब हूं,
खाली पन्ने पर लिखे गहरे जज़्बात हूं,
एक गुमशुदा कहानी का मजबूर किरदार हूं,
कीमती अल्फाजों पर लगा विराम हूं,
हाथ की लकीरों पर कर्मों का हिसाब हूं,
क्यों, इस जवाबों के शहर में अधूरा-सा सवाल हूं?
